रूपमाला छंद

रूपमाला छंद

साव गुरुजी रोय रोना,अब करन का रोज।
स्कूल के चाउँर ल बाँटय,छात्र छात्रा खोज।।
चार मा आधा किलो कम,दार बर हुड़दंग।
गाँव भर मा ए करोना,होय काबर जंग।।

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