मेरी प्यारी भांजी
मेरी प्यारी भांजी,अपने मामा के घर आइए। अपनी मधुर मुस्कान से मामी को लुभाइए। मामा तेरा कंजूस,मामी तेरी पिलाएगी जूस। यह जानकर मेरी भांजी,हो गयी बड़ी खुश। नाना तुम्हारा सब्जी बेच समोसा लानेवाला। रेणु भांजी के संग,चैतन्य,गावस्कर खानेवाला। नानी तुम्हारी चुलबुल मस्ती देख बुदबुदाती। मामी तुम्हारी अपनी बातों से शांत कराती। जीतेन्द्र निषाद"चितेश"