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Showing posts from July, 2026

सेल्फी के धुन

सेल्फी के धुन म,सून होगे पुन। निकलै दिखावा म दिन छुन छुन। नेकी कर सोशल मीडिया म डाल। बता अपन करनी के जम्मो हाल। इही चरित्तर हे लोभ के देश-दुनिया म। काम कोन करे नि:सुवारथ के गुनिया म? अपन चोला तरी धीरे धीरे गुन। सेल्फी के धुन म,सून होगे पुन। जेवनी हाथ के करनी,डेरी हाथ झन जाने। अइसन हो करनी,ऊपरवाला तोला माने। करके भलाई,कलेचुप,घर निकल भाई। मनखे करे चाहै तोर बुराई या बड़ाई। बिना शोर,हिरदै के गोठ सुन। सेल्फी के धुन म,सून होगे पुन। जीतेन्द्र निषाद'चितेश'

नेतामन भगवान होगे

कलजुग म नेता मन भगवान होगे जी। हरेक मंच म उही मन बिराजमान होगे जी। राजनीति म जे लफरहा खिलाड़ी। पावै बड़ मान,होवै ओकर पुछारी। गाँव-शहर म चमचा मन बलावै। धरम के मंच म धर्मात्मा बन जावै। फेर दया धरम बिन महात्मा सही महान होगे जी। कलजुग म नेता मन भगवान होगे जी। बने मनखे के गोठ म ताली नइ बाजै। राजनेता के लबारी म परजा ह नाचै। गिरगिट घलो शरमा जाय रंग बदले म। राजनेता नइ शरमाय घोषणा के चाल चले म। फेर घोषणा पूरा करै बिन,सुवागत सम्मान होगे जी। कलजुग म नेता मन भगवान होगे जी। जब पधारै कोनो कार्यक्रम के ठीहा म। माई पहुना बन,दिन रहै या रतिहा म। तलवा चाटै गाँव-शहर म चापलूस बनके। पढ़-लिख के हुसियार मन नेता मन के। फेर गाँव घर के मनखे ल पहुना नइ बनाय,का शैतान होगे जी? कलजुग म नेता मन भगवान होगे जी। जीतेन्द्र निषाद'चितेश'