धन से

मानवता के गुण बिना पुन सब सून हे।
कलजुग म मनखे के इही अवगुण हे।
धन से भले धनी हे अब के मनखे।
फेर दिल से निच्चट कंगला हे वतके।

Comments

Popular posts from this blog

नवा जमाना आ गे हे