जब जब राज्य में व्यापारी सरकार

जब जब राज्य में व्यापारी सरकार।
मजदूर करें बस की सवारी हर बार।

मालवाहक से ले जाने पर सरकार करें सख्ती।
लोगों को बिठाकर काम में ले जाना बड़ी गलती।
पुलिस के पकड़ में आ जाओगे कटेगा चालान।
भारी भरकम राशि का करना पड़ेगा भुगतान।
सभी द्वारपाल मजे से करें ये कारोबार।
जब जब राज्य में व्यापारी सरकार।

लोगों को बुलाकर चुनावी सभा में मुखिया करें मस्ती।
मालवाहक से ले जाकर सदा सजाए सभा की बस्ती।
नियम की अनदेखी कर,कानून को आँख दिखाकर।
घमंड से सिर ऊँचा कर,चले जनता के नौकर चाकर।
फिर वही काम जनता करें,बनाए अपराधी खूंखार।
जब जब राज्य में व्यापारी सरकार।

उस गाँव के किसान कैसे किसानी करें मुखिया।
जहाँ ढूँढने से भी न मिलें एक मजदूर बुढ़िया।
वहाँ मालवाहक से मजदूर ले जाकर होती थी किसानी।
बस से होती है लागत में इजाफा,मुनाफा में हानि।
जरा उस गाँव के किसान की भी सुनो पुकार।
जब जब राज्य में व्यापारी सरकार।
मजदूर करें बस की सवारी हर बार।

जीतेन्द्र निषाद"चितेश"

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