ज्ञान के आँगन का सवाल

*ज्ञान के आँगन का सवाल*

जब-जब फंदे पर मिले शव, आवासीय विद्यालय में,
तब कौन दोषी है, किसे सजा मिलेगी न्यायालय में?

अब बार-बार घट रही घटनाएँ, ज्ञान के आँगन में,
कौन सुध लेगा, जब चिराग बुझ रहे सावन में?

वार्डन की निगरानी पर अब तो करना पड़ेगा सवाल,
गुरु-शिष्य के बीच के रिश्ते का जानना होगा हाल।

बच्चों के बीच दोस्ती-दुश्मनी का रखना होगा हिसाब,
शासन-प्रशासन को देना होगा हर पालक को जवाब।

क्या बच्चों की अनबन से ही शुरू होती है वो जंग?
शायद वही बन जाता है, खुदकुशी का एक रंग।

अवसाद हो, पढ़ाई का दबाव हो या कोई बाहरी लगाव,
कारण कुछ भी हो, मूल में है निगरानी का अभाव।

जीतेन्द्र निषाद'चितेश

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