बैलाडीला के पहाड़ी
पूरा उखड़ जाही बैलाडीला के पहाड़ी।
फेर नइ बनही पक्की सड़क संगवारी।
गाँव लावा-लोहा,पुरेंगेल अउ बैंगपाल मा,
एनएमडीसी अउ सरकार के मकड़जाल मा।
बैलाडीला के लोहा जब जा सकत हे जापान,
फेर इहाँ नइ बन सकत हे शिक्षा के मकान।
कब तक सुते रहिबे बस्तर के वासी।
पूरा उखड़ जाही बैलाडीला के पहाड़ी।
बिना अस्पताल के नल-जल अउ जोत बिन।
दुख मा बीते मनखे के जिनगी छिन-छिन।
कच्ची सड़क मा आथें मनखे वाहन बिन,
ले जाथें किरंदुल ले राशन दिन गिन-गिन।
बस्तर के विकास बर तब आही पारी।
पूरा उखड़ जाही बैलाडीला के पहाड़ी।
फेर नइ बनही पक्की सड़क संगवारी।
पूरा उखड़ जाही बैलाडीला के पहाड़ी।
जीतेन्द्र निषाद 'चितेश'
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