सरसी छंद

                  सरसी छंद

योग करव सब मिलके संगी,होही बदन निरोग ।
दिखही सुघ्घर कोमल काया,मिटे मानसिक रोग ।।

Comments

Popular posts from this blog

दोहा-रक्तदान

जयकारी छंद